Apne Mahin Tatol (अपने माहिं टटोल)

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ध्यान साधना शिविर, उदयपुर में प्रश्नोत्तर सहित ओशो द्वारा दिए गए दस प्रवचनों का संग्रह
"हम सब आनंद चाहते हैं, हम सब शांति चाहते हैं, हम सब तृप्ति चाहते हैं। लेकिन हम खोजते हैं बाहर। वहीं भूल है। खोजना है भीतर, टटोलना है अपने में – अपने माहिं टटोल।
अगर हम भीतर जागकर देख सकें तो वहां जो है वही परमात्मा है, वही मोक्ष है, वही निर्वाण है। फिर उसे कोई कोई नाम दे दे, इससे कोई भेद नहीं पड़ता। वहां जो है वही परम आनंद है, वही परम सत्य है।"
notes
The blurb above in Hindi says that this book is from a meditation camp in Udaipur. Another source has supplied some dates that fit and confirm Udaipur. See discussion about this, a TOC and other bits.
Also published as a part of Moulik Kranti (मौलिक क्रान्ति).
time period of Osho's original discourses/talks/letters
Jun 4, 1967 to Jun 7,1967 : timeline
number of discourses/chapters
10


editions

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Apne Mahin Tatol (अपने माहिं टटोल)

Year of publication : 2010
Publisher : Tao Publishing Pvt. Ltd, Pune
Edition no. :
ISBN 8172611897 (click ISBN to buy online)
Number of pages : 208
Hardcover / Paperback / Ebook : P
Edition notes : **