Antar Ki Khoj (अंतर की खोज)

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जीवन के विभिन्न पहलुओं पर सूरत में ओशो द्वारा दिए गए चार अमृत प्रवचनों का अपूर्व संकलन
"नास्तिक और आस्तिक दोनों का जीवन असत्य का जीवन है। धार्मिक व्यक्ति न तो आस्तिक होता है, न नास्तिक होता है, धार्मिक व्यक्ति तो खोजी होता है। वह स्वीकार नहीं कर लेता यात्रा के पहले, वह मान नहीं लेता, वह खोज करता है।"
notes
Responses given by Osho to questions from seekers in Surat GJ, in India. May never have been published, though audio are available and as a PDF. See discussion for details and a partial TOC.
time period of Osho's original talks/writings
28 Jun 1967 to 30 Jun 1967 + ? : timeline
number of discourses/chapters
10 / 4 **


editions