Dharm Sadhana Ke Sutra (धर्म साधना के सूत्र)

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जीवन के विभिन्न पहलुओं पर ओशो द्वारा दिए गए दस प्रवचन
साधना के जगत में सहज प्रवेश के अत्यंत सरल सूत्र देते हुए ओशो कहते हैं : ‘सुबह जब आखिरी तारे डूबते हों, तब हाथ जोड़ कर उन तारों के पास बैठ जाएं और उन तारों को डूबते हुए, मिस्ट्री में खोते हुए देखते रहें। और आपके भीतर भी कुछ डूबेगा, आपके भीतर भी कुछ गहरा होगा। सुबह के उगते हुए सूरज को देखते रहें। कुछ न करें, सिर्फ देखते रहें। उगने दें। उधर सूरज उगेगा, इधर भीतर भी कुछ उगेगा। खुले आकाश के नीचे लेट जाएं और घंटे दो घंटे सिर्फ आकाश को देखते रहें तो विस्तार का अनुभव होगा। कितना विराट है सब, आदमी कितना छोटा है! फूल को खिलते हुए देखें, चिटकते हुए, उसके पास बैठ जाएं, उसके रंग और उसकी सुगंध को फैलते देखें। एक पक्षी के गीत के पास कभी रुक जाएं, कभी किसी वृक्ष ‍को गले लगा कर उसके पास बैठ जाएं। और आदमी के बनाए मंदिर-मस्जिद जहां नहीं पहुंचा सकेंगे, वहां परमात्मा का बनाया हुआ रेत का कण भी पहुंचा सकता है।’
notes
Ten discourses available in audio but with lots of sound problems, date below was in Mumbai. See discussion for a TOC and more.
time period of Osho's original talks/writings
Jun 20, 1965, rest unknown : timeline
number of discourses/chapters
10


editions

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Dharm Sadhana Ke Sutra (धर्म साधना के सूत्र)

Year of publication : 1990s
Publisher : The Rebel Publishing House, Pune, India
Edition no. : 1
ISBN
Number of pages :
Hardcover / Paperback / Ebook :
Edition notes :

Dharm Sadhana Ke Sutra 2001 cover.jpg

Dharm Sadhana Ke Sutra (धर्म साधना के सूत्र)

Year of publication : Sep 2001
Publisher : The Rebel Publishing House, Pune, India
Edition no. : 2
ISBN 81-7261-145-5 (click ISBN to buy online)
Number of pages :
Hardcover / Paperback / Ebook : P
Edition notes :

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Dharm Sadhana Ke Sutra (धर्म साधना के सूत्र)

Year of publication : 2007
Publisher : Manoj Publications
Edition no. : 1
ISBN 81-310-0441-4 (click ISBN to buy online)
Number of pages : 232
Hardcover / Paperback / Ebook : P
Edition notes :