Letter written on 18 Feb 1966 xm

From The Sannyas Wiki
Jump to: navigation, search

Letter written to Ma Yoga Sohan on 18 Feb 1966 in the evening in Amravati, Circuit house. It is unknown if it has been published or not.

Sohan img654.jpg

Acharya Rajnish

Jeevan Jagruti Kendra, 115, Napier Town, Jabalpur (M.P.)

रात्रिः १८ फर. १९६६
सर्किट हाऊस
अमरावती (महा)

प्यारी सोहन,
प्रेम। अमरावती के लिए कल संध्या निकल ही रहा था कि तेरा पत्र मिला। कितनी प्रतीक्षा करवाई ? कुछ भी न लिख लेकिन लिखा जल्दी करे। कितनी बार कहा कि लिखने को कुछ भी न सूझे तो खाली कागज ही भेज दिया कर ! तू कोई भूरबाई से कम थोड़ी ही है !

इधर आ तो गया हूँ लेकिन लग रहा था कि जैसे पूना ही जारहा हूँ ! वस्तुतः ये तारीखें दीं तो थीं तुझे ही ! पर तूने ही नहीं बुलाया तो क्या करूँ ? माणिक बाबू को प्रेम। बच्चों को आशीष।

संभवतः मार्च में दो दिन के लिए अहमदाबाद जाऊँ। तू तो साथ चलेगी न ?

रजनीश के प्रणाम

Partial translation
"Night: 18 Feb 1966
Circuit House
Amravati (Maha)
Dear Sohan,
Love. I was about to start for Amravati yesterday evening that received your letter."
...
Probably for two days in March I may go to Ahmedabad. You would be coming along, isn’t it?"
See also
Letters to Sohan ~ 059 - The event of this letter.
Letters to Sohan and Manik - Overview page of these letters.