Letter written on 29 May 1965 om

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Letter written to Ma Yoga Sohan on 29 May 1965 in the afternoon. It is unknown if it has been published or not.

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आचार्य रजनीश

दोपहरः २९/५/१९६५

सोहन,
कल संध्या तेरा तार मिल गया है। खुश हूँ कि यात्रा सकुशल हुई। पैर की कैसी हालत है ? झूठ मत लिखना। थोड़ी भी तकलीफ शेष हो तो वहां किसी को दिखा लेना। पैर में दर्द रहते तुझे किस भांति भेजा है, यह मैं ही जानता हूँ।

माणिक बाबू को प्रेम। बच्चों को आशीष। यहां सभी तेरी बहुत याद कर रहे हैं।

रजनीश के प्रणाम


See also
Letters to Sohan ~ 013 - The event of this letter.
Letters to Sohan and Manik - Overview page of these letters.