Letter written on 7 Jun 1965 xm

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Letter written to Ma Yoga Sohan on 7 Jun 1965 in midnight. It has been published in Prem Ke Phool (प्रेम के फूल) as letter #123.

Sohan img579.jpg

आचार्य रजनीश

अर्धरात्रिः
७ जून १९६५

प्रिय सोहन,
प्रेम। कल आते ही तेरा पत्र खोजा था। फिर रविवार था तो भी राह देखता रहा ! आज संध्या पत्र मिला है। कितने थोड़े से शब्दो में तू कितना लिख देती है ? ह्रदय भरा हो तो वह शब्दों में भी बह आता है। उसके लिए बहुत शब्दों का होना जरुरी नहीं है। प्रेम का सागर गागर में भी बन जाता है और प्रेम के शास्त्र के लिए ' ढाई अक्षर ' का ज्ञान भी काफी है !

क्या तुझे पता है कि तेरे इस पत्र को मैं कितनी बार पढ़ जाता हूँ ?

xxx

माणिक बाबू को प्रेम।

रजनीश के प्रणाम

Translation
"Dear Sohan,
Love, I searched for you letter just on arrival (from Gadarwara). Even though it was Sunday I kept waiting. The letter is received today evening."
See also
Prem Ke Phool ~ 123 - The event of this letter.
Letters to Sohan and Manik - Overview page of these letters.