Letter written on 8 Jul 1965 xm

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Letter written to Ma Yoga Sohan on 8 Jul 1965 in the evening. It is unknown if it has been published or not.

Sohan img582.jpg

आचार्य रजनीश

प्रिय सोहन,
आकाश बादलों से घिरा है, लेकिन वर्षा का कोई पता नहीं है। दो-तीन दिन से बहुत गर्मी है पर आज ठंडी हवायें आई हैं। शायद आसपास कहीं पानी पड़ रहा है। हवाओं को लेते बगिया में आ बैठा हूँ। उसी जगह बैठा हूँ,-- ठीक उसी जगह जहां तेरे साथ बैठता था। हवाओं ने कुछ बादल हटा दिये हैं और उनके झरोखों में स चांद दिखाई पड़ रहा है -- सोचता हूँ : कौन जाने, शायद तू भी इस चांद को देखती हो ?

माणिक बाबू को प्रेम।

रजनीश के प्रणाम

रात्रिः ८/७/१९६५


See also
Letters to Sohan ~ 021 - The event of this letter.
Letters to Sohan and Manik - Overview page of these letters.