Prem Darshan (प्रेम दर्शन)

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ध्यान साधना शिविर, भावनगर में ध्यान प्रयोगों सहित हुई प्रवचनमाला के अंतर्गत ओशो द्वारा दिए गए चार प्रवचन
प्रेम है द्वार, प्रेम है मार्ग और प्रेम ही है प्राप्ति। मनुष्य की भाषा में ‘प्रेम’ से ज्यादा बहुमूल्य और कोई शब्द नहीं। लेकिन बहुत कम सौभाग्यशाली लोग हैं जो प्रेम से परिचित हो पाते हैं। क्योंकि प्रेम की पहली शर्त ही आदमी पूरी नहीं कर पाता।
notes
Spontaneous talks given by Osho to disciples and friends at a meditation camp in Bhavnagar GJ. Available in audio form. See discussion for a TOC (audio titles) and some consideration of dates.
time period of Osho's original talks/writings
Jan 16, 1970 to Jan 19, 1970 : timeline
number of discourses/chapters
4


editions

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Prem Darshan (प्रेम दर्शन)

Year of publication : ≤Dec 1986
Publisher :
ISBN
Number of pages :
Hardcover / Paperback / Ebook :
Edition notes : Sources: lists of books from Koplen Phir Phoot Aayeen (कोंपलें फिर फूट आईं) (1986.12 ed.), Mahaveer-Vani, Bhag 2 (महावीर-वाणी, भाग 2) ver 1.5 (1988ed.) and Osho Diary 1997 (the image).