Prem Nadi Ke Teera (प्रेम नदी के तीरा)

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मित्रों व प्रेमियों को छोटे-छोटे समूहों के बीच प्रश्नोत्तर सहित ।
समर्पण का कुल मतलब इतना है कि वह जो विराट है हमारे चारों तरफ, जिससे हम पैदा होते हैं, जिसमें हम जीते हैं और जिसमें हम लीन हो जाते हैं, उससे हम क्षण भर को भी अपने को अलग न करें। अलग न करने के भाव का नाम समर्पण है। वह विराट के प्रति लहर का समर्पण है।
notes
Intimate dialogues with small groups, available only in audio. See discussion for a discourse title list.
Chapter 1 also published as ch.5 of Hasiba Kheliba Dhariba Dhyanam (हसिबा खेलिबा धरिबा ध्यानम्) (Rebel 1999, Diamond 2005 editions).
time period of Osho's original talks/writings
unknown : timeline
number of discourses/chapters
16


editions