Sapna Yah Sansar (सपना यह संसार)

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मैं जिसको जीवन कहता हूं, वह तुम्हारे मन का जीवन नहीं है। धन-पद पाने का; प्रतिष्ठा, यश, सम्मान, सत्कार पाने का; वह जो तुम्हारा मन का जाल है, वह तो पलटू ठीक कहते हैं उसके संबंध मेंः ‘सपना यह संसार।’ वह संसार तो सपना है। क्यांेकि तुम्हारे मन सपने के अतिरिक्त और क्या कर सकते हैं! लेकिन तुम्हारे सपने जब शून्य हो जाएंगे और मन में जब कोई विचार न होगा और जब मन में कोई पाने की आकांक्षा न होगी, तब एक नया संसार तुम्हारी आंखों के सामने प्रकट होगा-अपनी परम उज्ज्वलता में, अपने परम सौंदर्य में- वह परमात्मा का ही प्रकट रूप है। उसको पिलाने के लिए ही मैंने तुम्हें बुलाया है। उसे तुम पीओ! उसे तुम जीओ! मैं तुम्हें त्याग नहीं सिखता, परम भोग सिखता हूं।
पुस्तक के कुछ मुख्य विषय-बिंदुः
1. ‘संसार’ शब्द का क्या अर्थ है?
2. साक्षी में जीना क्या है?
3. प्रेम का जन्म और मन की मृत्यु।
4. धर्म और आदमी के बीच कौन सी दीवारें हैं?
5. क्या है अंतर्यात्रा का विज्ञान?
notes
Talks on Paltu Das, an 18th century Bhakti Yogi from Ayodhya, given in Pune. This is the second of Osho's three books on Paltu, all fairly hefty at ~20 discourses. The others are Ajhun Chet Ganwar (अजहूं चेत गंवार) and Kahe Hot Adheer (काहे होत अधीर). See discussion for more.
Sapna's twenty chapters were divided into five small books and published apparently as an experiment by Pustak Mahal, a large Indian publisher which has not published anything else from Osho before or since. Titles of the five are: Param Upalabdhi Ke Sopan (परम उपलब्धि के सोपान), Prem Ka Jharokha (प्रेम का झरोखा), Sadhana Ka Param Lakshya (साधना का परम लक्ष्य), Samarpan Ki Anjuli (समर्पण की अंजुली) and Vartaman Dharm Ki Bhasha (वर्तमान धर्म की भाषा).
time period of Osho's original talks/writings
Jul 11, 1979 to Jul 30, 1979 : timeline
number of discourses/chapters
20   (see table of contents)


editions

Sapna Yah Sansar 1980 cover.jpg

Sapna Yah Sansar (सपना यह संसार)

पलटू-वाणी (Paltu-Vani)

Year of publication : Feb 1980
Publisher : Rajneesh Foundation
ISBN : none
Number of pages : 674
Hardcover / Paperback / Ebook : H
Edition notes :

Sapna-2.jpg

Sapna Yah Sansar (सपना यह संसार)

पलटू-वाणी पर प्रवचन (Paltu-Vani Par Pravachan)

Year of publication : 2013
Publisher : Rebel Publishing House Pvt Ltd
ISBN 978-81-7261-286-3 (click ISBN to buy online)
Number of pages : 572
Hardcover / Paperback / Ebook : H
Edition notes : **

Sapna-3.jpg

Sapna Yah Sansar (सपना यह संसार)

पलटू-वाणी पर प्रवचन (Paltu-Vani Par Pravachan)

Year of publication : 2018
Publisher : Osho Media International
ISBN
Number of pages :
Hardcover / Paperback / Ebook : E
Edition notes :

table of contents

edition 1980.02
chapter titles
discourses
event location duration media
1 उसका सहारा किनारा है 11 Jul 1979 am Buddha Hall, Pune 1h 40min audio
2 संसार एक उपाय है 12 Jul 1979 am Buddha Hall, Pune 1h 45min audio
3 झुकना : समर्पण + अंजुली बनाना : भजन = परमतृप्ति 13 Jul 1979 am Chuang Tzu Auditorium, Pune 1h 43min audio
4 मनुष्यजाति के बचने की संभावना किनसे ? 14 Jul 1979 am Chuang Tzu Auditorium, Pune 1h 45min audio
5 मिटे कि पाया 15 Jul 1979 am Chuang Tzu Auditorium, Pune 1h 42min audio
6 सुबह तक पहुंचना सुनिश्चित है 16 Jul 1979 am Chuang Tzu Auditorium, Pune 1h 45min audio
7 जीवित सद्गुरु की तरंग में डूबो 17 Jul 1979 am Chuang Tzu Auditorium, Pune 1h 43min audio
8 बहार आयी तो क्या करेंगे ! 18 Jul 1979 am Chuang Tzu Auditorium, Pune 1h 48min audio
9 हम चल पड़े हैं राह को दुशवार देखकर 19 Jul 1979 am Chuang Tzu Auditorium, Pune 1h 43min audio
10 साक्षी में जीना बुद्धत्व में जीना है 20 Jul 1979 am Chuang Tzu Auditorium, Pune 1h 41min audio
11 झुकने से यात्रा का प्रारंभ है 21 Jul 1979 am Chuang Tzu Auditorium, Pune 1h 47min audio
12 होश और बेहोशी के पार समाधि 22 Jul 1979 am Chuang Tzu Auditorium, Pune 1h 43min audio
13 राग का अंतिम चरण है वैराग्य 23 Jul 1979 am Chuang Tzu Auditorium, Pune 1h 54min audio
14 धर्म की भाषा है : वर्तमान 24 Jul 1979 am Chuang Tzu Auditorium, Pune 1h 41min audio
15 करामाति यह खेल अंत पछितायगा 25 Jul 1979 am Chuang Tzu Auditorium, Pune 1h 42min audio
16 गहन से भी गहन प्रेम है सत्संग 26 Jul 1979 am Chuang Tzu Auditorium, Pune 1h 45min audio
17 ज्ञानध्यान के पार ठिकाना मिलैगा 27 Jul 1979 am Chuang Tzu Auditorium, Pune 1h 44min audio
18 मुझे दोष मत देना ! 28 Jul 1979 am Chuang Tzu Auditorium, Pune 1h 43min audio
19 मुंह के कहे न मिलै, दिलै बिच हेरना 29 Jul 1979 am Chuang Tzu Auditorium, Pune 1h 48min audio
20 ज्ञान से शून्य होने में ज्ञान से पूर्ण होना है 30 Jul 1979 am Chuang Tzu Auditorium, Pune 1h 37min audio