Shiksha: Nae Prayog (शिक्षा : नए प्रयोग)

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ओशो कहते हैं कि चित्‍त को इतना बोझिल, जटिल और बूढ़ा कर दे कि उसका जीवन से सीधा संपर्क छिन्‍न-भिन्‍न हो जाए तो यह शुभ नहीं है। बोझिल और बूढ़ा चित्‍त जीवन के ज्ञान, आनंद और सौंदर्य सभी से वंचित रह जाता है। ज्ञान, आनंद और सौंदर्य की अनुभूति के ि‍लए तो युवा चित्‍त चाहिए। शरीर तो बूढ़ा होने को आबद्ध है लेकिन चित्‍त नही। चित्‍त तो सदा युवा रह सकता है। मृत्‍यु के अंतिम क्षण तक चित्‍त युवा रह सकता है, और ऐसा चित्‍त ही जीवन और मृत्‍यु के रहस्‍यों को जान पाता है। ऐसा चित्‍त ही धार्मिक चित्‍त है। शिक्षा के क्षे7 में ओशो के नए प्रयोगो को जानिए।
notes
Ch.1 previously published as Naye Manushya Ke Janma Ki Disha (नये मनुष्य के जन्म की दिशा).
Ch.2-3 previously published as Agyat Ki Or (अज्ञात की ओर).
Ch.4-7 previously published as Kranti-Nad (क्रान्ति-नाद).
Ch.8 previously published as Agyat Ke Nae Aayam (अज्ञात के नए आयाम).
All chapters also previously published as ch.1-8 of Shiksha Mein Kranti (शिक्षा में क्रांति)
time period of Osho's original talks/writings
(unknown)
number of discourses/chapters
8   (see table of contents)


editions

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Shiksha: Nae Prayog (शिक्षा : नए प्रयोग)

Year of publication : 1991
Publisher : Diamond Pocket Books
ISBN
Number of pages :
Hardcover / Paperback / Ebook :
Edition notes :

Shiksha Nae Prayog.jpg

Shiksha: Nae Prayog (शिक्षा : नए प्रयोग)

Year of publication : 2007
reprint 2015
Publisher : Diamond Pocket Books
ISBN 81-288-1446-X (click ISBN to buy online)
Number of pages : 224
Hardcover / Paperback / Ebook : P
Edition notes :

table of contents

editions 2007, 2015
chapter titles
discourses
event location duration media
1 नए मनुष्य के जन्म की दिशा <1967 Babai (MP) unknown none
2 धर्म और विज्ञान 16 Jan 1967 am Gujarat University, Ahmedabad unknown none
3 शिक्षा और धर्म 3 Mar 1967 om ** Sardar Vallabhbhai Patel University, Anand (GJ) unknown none
4 शिक्षक, समाज और क्रांति 1967 unknown 0h 54min audio
5 प्रेम-विवाह और बच्चे 5 Nov 1969 am Opera House, Bombay 0h 57min audio
6 युक्रांद क्या है? 1967--1970? unknown 0h 50min audio
7 नारी और क्रांति 1967--1970? unknown 0h 44min audio
8 अज्ञात के नए आयाम compilation of Kaha Kahun Us Des Ki ~ 02
and Upasana Ke Kshan ~ 01