Talk:Prem Nadi Ke Teera (प्रेम नदी के तीरा)

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प्रवचन (TOC):
1. सामूहिक रेचन का महत्व
2. समर्पण के फूल
3, 4, 5, 6, नेम नांट अवेलेबल (Nem Nant Avelebal -- IKYN)
7. ध्यान को अभिनेता होना पड़ता है
8. हिंदुस्तान आध्यात्मिक देश नहीं है
9. शास्त्र को नहीं, समझ को आधार बनाएं
10. नींद और मौत एक जैसी होती है
11. प्रामाणिकता सर्वोपरि है
12. स्मृति के विसर्जन में चैतन्य का जागरण
13. निर्णय न लें, उपलब्ध रहें
14. इंद्रियों की जड़ें शरीर में
15. जो बाहर से आया वह ज्ञान नहीं है
16. लीला का अर्थ है वर्तमान में जीना

Above TOC was from Osho World's audiobook. Turns out the osho.com audiobook offering has a few slight differences:

1: the talks not available in OW were in o.com, but arranged as two mp3s of two talks each, so that the whole package is of 14 mp3s (@ Rs 100 a pop). All of the #3 - #6 are fairly short, the shortest of the 16 talks, and in o.com were still untitled.
2: for talk #7, o.com has ध्यानी, not ध्यान, makes more sense afaict.
3: for talk #9, o.com has बनाए, not बनाएं, no comment

And again, Hindi blurb thanks to osho.com, replacing the previous one, which again was mistakenly taken from another book's blurb, Prem Hai Dwar Prabhu Ka (प्रेम है द्वार प्रभु का), the same one which had got its blurb mistakenly from another book. Cascading errors! -- updated doofus-9 (talk) 17:10, 11 April 2015 (UTC)


A few ch.-titles from Shailendras e-book:
3. पहले सक्रियता फिर अक्रिया
4. धर्म को गुरु नहीं, शिष्य चाहिए
5. पति-पत्नी और प्रेम
6. गुरु होना आसान है, शिष्य बनना मुश्किल

--DhyanAntar 07:03, 4 August 2018 (UTC)


media status

The free offer on OW still has 16 mp3s.

Today, osho.com has only 15 audios, here is the description:

  • #1: लीला का अर्थ है वर्तमान में जीना 93min
  • #2: समर्पण के फूल 62min
  • #3: Talks #3, #4 64min
  • #5: Talks #5, #6 63min
  • #7: ध्यानी को अभिनेता होना पड़ता है 46min
  • #8: हिंदुस्तान आध्यात्मिक देश नहीं है 66min
  • #9: शास्त्र को नहीं, समझ को आधार बनाए 111min
  • #10: नींद और मौत एक जैसी होती है 62min
  • #11: प्रामाणिकता सर्वोपरि है 44min
  • #12: स्मृति के विसर्जन में चैतन्य का जागरण 92min
  • #13: निर्णय न लें, उपलब्ध रहें 62min
  • #14: इंद्रियों की जड़ें शरीर में 42min
  • #15: जो बाहर से आया वह ज्ञान नहीं है 87min


It needs to be researched what is what. --Sugit (talk) 19:06, 16 December 2018 (UTC)