Hira Payo Ganth Gathiyayo (हीरा पायो गांठ गठियायो)

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सदी के सर्वाधिक महान गुरु, उपदेशक और सूक्ष्मदर्शी विद्वान ओशो के सान्निध्य में बरसों - बरस गुज़ार देने वाली समर्पित संन्यासिन मा प्रेम शून्यो के अनुभवों का लेखा - जोखा प्रस्तुत करने वाली एक ऐसी पुस्तक, जिसमें अन्तर ऊर्जा की दिव्य झलक तो दिखाई पड़ती ही है, साथ में उन समूची घटनाओं का चित्रण भी है, जिसमें एक मसीहा ने सूली पर चढ़ जाने जैसी पीड़ा भोगी। यह आज के समय में साधना और भक्ति की अन्तर्यात्रा भी है, जो निश्चय ही उस यात्रा पर गए लोगों के लिए उपयोगी होगी और जो सूक्ष्म यात्रा के जिज्ञासु हैं या अपने अन्तर को दिव्य ज्ञान से प्रकाशित करना चाहते हैं, उनके लिए अनन्त प्रकाश की लौ है, जो मार्ग दिखाएगी। महामानव ओशो के मार्ग की अनुयायी मा प्रेम शून्यो की एक ऐसी सौगात, जिसने दुनिया - भर में अपनी पहचान बनाई और यह सिद्ध कर दिया कि ओशो के मार्गी सदैव अपना अन्तर - संसार समृद्ध करते रहेंगे। व्यक्तिगत डायरी के रूप में लिखी गई ऐसी पुस्तक, जो अपनी कथा - शैली के कारण एक उपन्यास जैसा आनन्द देती है और अपने आध्यात्मिक प्रकाश से शराबोर कर देती है।
author
Ma Prem Shunyo (मा प्रेम शुन्यो)
language
Hindi
notes
Translation from English: My Diamond Days with Osho.

editions

Hira Payo Ganth Gathiyayo.jpg

हीरा पायो गांठ गठियायो

Year of publication : 2004
Publisher : Hind Pocket Books
Edition no. :
ISBN 8176211559 (click ISBN to buy online)
Number of pages : 356
Hardcover / Paperback / Ebook : P
Edition notes :