Jeevan Sangeet (जीवन संगीत)

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जो वीणा से संगीत के पैदा होने का नियम है, वही जीवन-वीणा से संगीत पैदा होने का नियम भी है। जीवन-वीणा की भी एक ऐसी अवस्था है, जब न तो उत्तेजना इस तरफ होती है, न उस तरफ। न खिंचाव इस तरफ होता है, न उस तरफ। और तार मध्य में होते हैं। तब न दुख होता है, न सुख होता है। क्योंकि सुख एक खिंचाव है, दुख एक खिंचाव है। और तार जीवन के मध्य में होते हैं--सुख और दुख दोनों के पार होते हैं। वहीं वह जाना जाता है जो आत्मा है, जो जीवन है, जो आनंद है।
आत्मा तो निश्र्चित ही दोनों के अतीत है। और जब तक हम दोनों के अतीत आंख को नहीं ले जाते, तब तक आत्मा का हमें कोई अनुभव नहीं होगा।
~ ओशो
पुस्तक के कुछ मुख्य विषय-बिंदु:
क्या आप दूसरों की आंखों में अपनी परछाईं देख कर जीते हैं?
क्या आप सपनों में जीते हैं?
हमारे सुख के सारे उपाय कहीं दुख को भुलाने के मार्ग ही तो नहीं हैं?
प्रेम से ज्यादा पवित्र और क्या है?
क्या आप भीतर से अमीर हैं?
जीवन का अर्थ क्या है?
notes
Talks given at meditation camp in Udaipur in 1969. Audio is available, as is an e-book with nine discourses. See some infobits.
Not to be confused with Jeevan Sangeet (जीवन संगीत) (4 talks), a 4 talks on Gorakh(nath).
Chapter 6 also published as ch.5 of Kaha Kahun Us Des Ki (कहा कहूं उस देस की).
Chapter 10 also published in Naye Samaj Ki Khoj (नये समाज की खोज): as ch.2 and second part of ch.5 in 1980 ed. and as ch.3 in 2004 ed.
Translated into English as Falling in Love with Darkness.
time period of Osho's original talks/writings
Jun 3, 1969 to Jun 6, 1969 : timeline
number of discourses/chapters
10   (see table of contents and Current Understanding for details)


editions

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Jeevan Sangeet (जीवन संगीत)

Year of publication : ≤Dec 1986
Publisher :
ISBN
Number of pages :
Hardcover / Paperback / Ebook :
Edition notes : Sources: lists of books from Koplen Phir Phoot Aayeen (कोंपलें फिर फूट आईं) (1986.12 ed.), Mahaveer-Vani, Bhag 2 (महावीर-वाणी, भाग 2) ver 1.5 (1988ed.), Osho Diary 1997 (the image)Dhyan Ke Kamal (ध्यान के कमल) (1999.06 ed.: section "Meditation Camps").

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Jeevan Sangeet (जीवन संगीत)

ध्यान साधना पर प्रवचन (Dhyan Sadhana Par Pravachan)

Year of publication : 2012
Publisher : The Rebel Publishing House, Pune, India
ISBN 978-81-7261-275-7 (click ISBN to buy online)
Number of pages :
Hardcover / Paperback / Ebook : H
Edition notes : **
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Jeevan Sangeet (जीवन संगीत)

ध्यान साधना पर (Dhyan Sadhana Par)

Year of publication : 2018
Publisher : Osho Media International
ISBN 978-0-88050-861-2 (click ISBN to buy online)
Number of pages : 414
Hardcover / Paperback / Ebook : E
Edition notes :

table of contents

edition 2018
chapter titles
discourses
event location duration media
1 पहला सूत्र : आत्म-स्वतंत्रता का बोध 3 Jun 1969 pm Udaipur 1h 3min audio
2 दूसरा सूत्र: खोजें मत, ठहरें 4 Jun 1969 am Udaipur 0h 54min audio
3 विचार-क्रांति 4 Jun 1969 om** Udaipur 1h 5min audio
4 स्वप्न से जागरण की और 4 Jun 1969 pm Udaipur 1h 7min audio
5 दुख के प्रति जागरण 5 Jun 1969 am Udaipur 0h 55min audio
6 समस्त के प्रति प्रेम ही प्रार्थना है 5 Jun 1969 om** Udaipur 0h 24min audio
7 विश्वास: सत्य की खोज में सबसे बड़ी बाधा 5 Jun 1969 pm Udaipur 1h 0min audio
8 प्रार्थना का रहस्य 6 Jun 1969 am Udaipur 0h 55min audio
9 क्रांति एक विस्फोट है, ध्यान एक विकास है 6 Jun 1969 om** Udaipur 0h 57min audio
10 नये का आमंत्रण 6 Jun 1969 pm Udaipur 1h 18min audio