Letter written on 10 Mar 1971 (YSamadhi)

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A photocopy of letter written to Ma Yoga Samadhi on 10 Mar 1971. It has been published in Ghoonghat Ke Pat Khol (घूंघट के पट खोल) as letter 54.

acharya rajneesh

A-1 WOODLAND PEDDAR ROAD BOMBAY-26. PHONE: 382184

प्रिय योग समाधि,
प्रेम। योग से बहुत कुछ संभव है -- अतीन्द्रिय, अलौकिक।

लेकिन नियमातीत कुछ भी घटित नहीं होता है।

अतीन्द्रिय-अनुभवों और सिद्धियों के भी अपने नियम है।

चमत्कार भी जो नहीं जानते उन्हीं के लिए चमत्कार हैं।

या फिर अस्तित्व ही चमत्कार है।

पर जहांतक बने सिद्धियों में रस न लेना।

साधक के लिए उससे अकारण ही व्यवधान निर्मित होते हैं।

रजनीश के प्रणाम

१०.३.१९७१

Ma Yoga Samadhi, letter 10-Mar-1971.jpg


See also
Ghoonghat Ke Pat Khol ~ 054 - The event of this letter.