Letter written on 25 Feb 1965 xm

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Letter written to Ma Yoga Sohan on 25 Feb 1965 in the afternoon in 33, Firozeshah Road, New Delhi. It is unknown if it has been published or not.

Sohan img676.jpg

Acharya Rajnish

३३, फिरोजशाह रोड,
नई दिल्ली,
___________
रात्रिः २५/२/६५

प्रिय सोहन,
कल संध्या जबलपुर से निकला तो आखिर तक तेरे पत्र की राह देखता रहा। अभी अभी यहां पहुँचा हूँ। तीन दिन यहां रुकूंगा और फिर अलाहाबाद होता हुआ, जबलपुर जाऊँगा।शेष शुभ। माणिक बाबू को प्रेम। अनिल और बच्चोँ को स्नेह।

कुछ विचार साथ में भेज रहा हूँ। इन्हें संग्रहीत करते जाना। ३६५ ऐसे पत्र इकठ्ठे होनेपर प्रकाशित करेंगे। प्रतिदिन के लिए वर्षभर चिंतन करने के रूप में।

यहां इस कमरे में यात्रा से थका हुआ अकेला बैठा हूँ तो तेरी याद आरही है। महाबलेश्वर तेरी सेवा और निगरानी ने मुझे थकने ही नहीं दिया। लौटकर पत्र पाने की प्रतीक्षा है। मेरा जबलपुर से दिया पत्र तो मिला होगा?

रजनीश के प्रणाम

Jivan Jagruti Kendra. 115, Napier Town, JABALPUR (M.P.)

Partial translation
"Dear Sohan,
I was waiting for your letter yesterday till end before starting from Jabalpur. Just now I have reached here (New Delhi). I will stay here for three days and go to Jabalpur via Allahabad. Rest OK. Love to Manik Babu. Love to Anil and chidren."
See also
Letters to Sohan ~ 006 - The event of this letter.
Letters to Sohan and Manik - Overview page of these letters.