Nari Aur Kranti (नारी और क्रान्ति) (6 talks)

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"नारी-मुक्ति के आंदोलन ने सतही रूप में नारी को उसकी परतंत्रता से मुक्त करने का दावा तो भरा लेकिन यह एक रिएक्शन बन कर रह गया। परिणाम—पुरुष से घृणा। छह प्रवचनों की यह छोटी सी संग्रह। नारी के वास्तविक अस्तित्व का आईना है—किसी रिश्ते के रूप में नहीं, बस नारी के रूप में। तब वह कोई भी रूप हो—मां, बहन, प्रेमिका या बेटी—वह अपना प्रेम, अपनी ऊर्जा को सभी में सम्प्रेषित करने की क्षमता रखती है। सदियों ‍के इतिहास में कोई भी ऐसा प्रबुद्ध पुरुष न ‍हुआ जो नारी का वास्तविक कल्याणमित्र हो। ओशो ने नारी को उसकी जंजीरों से, उसकी बैसाखियों से इस प्रकार मुक्त किया है कि वह अपने पैरों पर चलने का अर्थ यह नहीं नि‍कालती कि अब उसे पुरुष की आवश्यकता नहीं बल्कि पुरुष के साथ-साथ चलने की उसकी गति भी छंदबद्ध हो जाती है। उन दोनों के संबंध संगीतपूर्ण हो जाते हैं।"
notes
Not to be confused with Nari Aur Kranti (नारी और क्रान्ति) (4 talks), 4 talks, which is a part of Sambhog Se Samadhi Ki Or (संभोग से समाधि की ओर).
Title means, "Women and Revolution", e-book-translation appeares as Woman and Rebellion. See discussion for discourse titles and publishing anomalies and variations.
time period of Osho's original talks/writings
1969 ? : timeline
number of discourses/chapters
6   (see table of contents)


editions

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Nari Aur Kranti (नारी और क्रान्ति) (6 talks)

Year of publication : 1999
Publisher : Rebel Publishing House
Edition no. :
ISBN 9788172611279 (click ISBN to buy online)
Number of pages : 134
Hardcover / Paperback / Ebook : P
Edition notes : editor: Sw Anand Satyarthi

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Nari Aur Kranti (नारी और क्रान्ति) (6 talks)

Year of publication :
Publisher :
Edition no. :
ISBN
Number of pages :
Hardcover / Paperback / Ebook : P
Edition notes :

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Nari Aur Kranti (नारी और क्रान्ति) (6 talks)

एक आग चाहिए जो बदल दे नारी के पुराने सारे ढांचे के (Ek Aag Chahie Jo Badala De Nari Ke Purane Sare Dhanche Ke)

Year of publication : Jan 2007
First reprint: Jun 2007
Publisher : Hind Pocket Books
Edition no. : 1
ISBN 81-216-1181-4 (click ISBN to buy online)
Number of pages : 144
Hardcover / Paperback / Ebook : P
Edition notes :

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Nari Aur Kranti (नारी और क्रान्ति) (6 talks)

एक आग चाहिए जो बदल दे नारी के पुराने सारे ढांचे के (Ek Aag Chahie Jo Badala De Nari Ke Purane Sare Dhanche Ke)

Year of publication : Fourth reprint 2013
Publisher : Hind Pocket Books
Edition no. : 1
ISBN 978-81-216-1181-7 (click ISBN to buy online)
Number of pages : 144
Hardcover / Paperback / Ebook : P
Edition notes :

table of contents

editions 2007.06, 2013
chapter titles
discourses
event location duration media
1 नारी: दीनता से विद्रोह 1969 ? unknown 1h 22min audio
2 नारी: प्रेम की पवित्रता 1969 ? unknown 0h 50min audio
3 नारी: जीवन का आनंद 1969 ? unknown 1h 8min audio
4 नारी: नई सभ्यता का केंद्र 1969 ? unknown 1h 5min audio
5 नारी: पुरुष की दासता से मुक्ति 1969 ? unknown 0h 57min audio
6 नारी: अपने अस्तित्व की घोषणा 1969 ? unknown 0h 53min audio